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यूपी एयरक्राफ्ट MRO पॉलिसी 2022: पूरी गाइड

रियायती एयरपोर्ट ज़मीन + कैपिटल सब्सिडीजेवर (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) MRO ज़ोनDGCA CAR-145 अप्रूवल ज़रूरीअंतिम समीक्षा: अगस्त 2026

पॉलिसी क्या है?

उत्तर प्रदेश एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, रिपेयर व ओवरहॉल (MRO) पॉलिसी, 2022 एयरफ्रेम, इंजन, व कंपोनेंट MRO सुविधाओं, हैंगर, लाइन मेंटेनेंस स्टेशन, और संबंधित ट्रेनिंग को कवर करती है। इसे Civil Aviation Department द्वारा संचालित किया जाता है। भारतीय एयरलाइंस फिलहाल अपने MRO काम का बड़ा हिस्सा विदेश भेजती हैं, और राज्य इस काम को हासिल करने के लिए अपने बढ़ते एयरपोर्ट नेटवर्क के आसपास खुद को पोज़िशन कर रहा है।

मुख्य प्रोत्साहन

क्याविवरण
ज़मीनराज्य एयरपोर्ट पर रियायती शर्तों पर
कैपिटल सब्सिडीपात्र MRO सुविधाओं के लिए
स्टैम्प ड्यूटीछूट
इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटीराहत
SGSTरीइम्बर्समेंट
कृपया पुष्टि करें: पॉलिसी के मूल FAQ स्रोत में इन मदों के लिए सटीक सब्सिडी प्रतिशत या सीमाएं प्रकाशित नहीं हैं — भरोसा करने से पहले हर दर, सीमा और शर्त की पुष्टि अधिसूचित पॉलिसी और नवीनतम सरकारी आदेश से करें। इन प्रोत्साहनों के पीछे की पूरी सोर्स्ड जानकारी के लिए पूरी UP Aircraft MRO Policy FAQ देखें।

पात्रता

कौन से अप्रूवल ज़रूरी हैं?

जेवर का अवसर क्या है?

जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक समर्पित MRO ज़ोन के साथ प्लान किया गया है — उन कुछ सेक्टोरल पॉलिसियों में से एक जहां गौतम बुद्ध नगर को राज्य के बाकी हिस्सों पर एक संरचनात्मक बढ़त हासिल है।

यह पॉलिसी बनाम Aerospace & Defence Policy 2024

मिलिट्री MRO काम इस पॉलिसी या Aerospace & Defence Policy 2024 में से किसी एक के तहत आ सकता है। फाइल करने से पहले एक चुनें और नोडल डिपार्टमेंट से पुष्टि करें — यह न मानें कि दोनों लागू होती हैं।

अप्लाई कैसे करें

  1. MRO ऑपरेटर के रूप में DGCA CAR-145 अप्रूवल सुरक्षित करें (या इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अपना डेवलपर स्टेटस पुष्ट करें)
  2. अगर आपका काम मिलिट्री MRO है, तो Civil Aviation Department से पुष्टि करें कि यह पॉलिसी लागू होती है या Aerospace & Defence Policy 2024
  3. नोडल पॉइंट के रूप में Civil Aviation Department से संपर्क करें, राज्य एयरपोर्ट पर रियायती ज़मीन के लिए भी

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यूपी अभी विशेष रूप से MRO को क्यों बढ़ावा दे रहा है?

भारतीय एयरलाइंस फिलहाल अपने MRO काम का बड़ा हिस्सा विदेश भेजती हैं। यूपी इस काम को घरेलू स्तर पर हासिल करने के लिए अपने बढ़ते एयरपोर्ट नेटवर्क — खासकर जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्लान किए गए MRO ज़ोन — के आसपास खुद को पोज़िशन कर रहा है।

मेरा MRO काम डिफेंस-संबंधित है — कौन सी पॉलिसी लागू होती है?

मिलिट्री MRO इस पॉलिसी या Aerospace & Defence Policy 2024 में से किसी एक के तहत आ सकता है। फाइल करने से पहले आपको एक चुनना होगा और नोडल डिपार्टमेंट से इसकी पुष्टि करनी होगी।

अपने UP Aircraft MRO Policy आवेदन में मदद चाहिए?

ClaimDesk (A NorthStar Advisors brand, नोएडा) पुष्टि करने में मदद करता है कि कौन सी पॉलिसी लागू होती है, DGCA व एयरपोर्ट कन्सेशन आवश्यकताएं सुलझाता है, और आवेदन तैयार करता है। पहली बातचीत बिल्कुल फ्री।

WhatsApp पर बात करें

MSMEUP.com स्वतंत्र जानकारी और टूल्स है — मुफ़्त, और किसी कंसल्टेंसी द्वारा संचालित नहीं। ClaimDesk एक अलग, निजी कंसल्टेंसी है (A NorthStar Advisors brand) जो प्रोफेशनल फाइलिंग मदद चाहने वालों के लिए है; इसकी फीस उसी सेवा के लिए है, सरकारी शुल्क नहीं, और इसका इस्तेमाल पूरी तरह वैकल्पिक है — MSMEUP की गाइड्स और टूल्स इसके बिना भी उतने ही काम करते हैं।

आधिकारिक स्रोत
आधिकारिक पोर्टल: niveshmitra.up.gov.in संचालित विभाग: Civil Aviation Dept. अंतिम समीक्षा: अगस्त 2026

यह पेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्कीम जानकारी का सार है। आवेदन करने या क्लेम फाइल करने से पहले, मौजूदा आधिकारिक अधिसूचना, आवेदन फॉर्म और सटीक पात्रता शर्तें हमेशा ऊपर दिए पोर्टल पर जाकर पुष्टि करें।