माइक्रो यूनिट्स के लिए 50% इंटरेस्ट सब्सिडी
स्कीम क्या है?
यूपी MSME पॉलिसी में माइक्रो यूनिट्स को बैंक लोन पर दिए गए ब्याज़ का एक हिस्सा (50% तक) हर साल वापस मिलता है — 5 साल तक, वार्षिक कैप के साथ। लोन चल रहा है तो यह सीधे कैश-बैक जैसा है।
कितना पैसा मिलेगा?
| क्या | कितना (अनुमानित) |
|---|---|
| इंटरेस्ट रीइम्बर्समेंट | भुगतान किए गए ब्याज़ का 50% तक |
| अवधि | 5 साल तक |
| कैप | वार्षिक कैप पॉलिसी अनुसार (लाख में) |
पात्रता
- Udyam-रजिस्टर्ड माइक्रो यूनिट (इन्वेस्टमेंट/टर्नओवर सीमा के अंदर)
- बैंक/FI से लिया गया टर्म लोन या वर्किंग कैपिटल (पॉलिसी अनुसार)
- लोन अकाउंट स्टैंडर्ड हो — NPA नहीं
- ब्याज़ समय पर भरा गया हो
ज़रूरी दस्तावेज़
- Udyam सर्टिफिकेट, लोन सैंक्शन लेटर
- बैंक से इंटरेस्ट सर्टिफिकेट (कितना ब्याज़ भरा)
- लोन अकाउंट स्टेटमेंट, GST/ITR
अप्लाई कैसे करें
- यूपी MSME पोर्टल पर क्लेम एप्लीकेशन भरें
- बैंक इंटरेस्ट सर्टिफिकेट अपलोड करें
- DIEPC वेरिफिकेशन → समिति → रीइम्बर्समेंट खाते में
- हर साल क्लेम रिन्यू/फाइल करना होता है
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या CC लिमिट के ब्याज़ पर भी मिलेगा?
पॉलिसी के अनुसार टर्म लोन पर फोकस है; वर्किंग कैपिटल के नियम अलग हो सकते हैं — मौजूदा दिशा-निर्देश वेरिफाई करें।
NPA होने पर क्या होगा?
NPA अकाउंट के क्लेम आम तौर पर रिजेक्ट होते हैं। अकाउंट स्टैंडर्ड रखना पात्रता की शर्त है।
इंटरेस्ट सब्सिडी क्लेम फाइल करवाना है?
ClaimDesk (A NorthStar Advisors brand, नोएडा) डॉक्यूमेंटेशन से लेकर फाइलिंग और फॉलो-अप तक पूरा काम हैंडल करता है। पहली बातचीत बिल्कुल फ्री।
MSMEUP.com स्वतंत्र जानकारी और टूल्स है — मुफ़्त, और किसी कंसल्टेंसी द्वारा संचालित नहीं। ClaimDesk एक अलग, निजी कंसल्टेंसी है (A NorthStar Advisors brand) जो प्रोफेशनल फाइलिंग मदद चाहने वालों के लिए है; इसकी फीस उसी सेवा के लिए है, सरकारी शुल्क नहीं, और इसका इस्तेमाल पूरी तरह वैकल्पिक है — MSMEUP की गाइड्स और टूल्स इसके बिना भी उतने ही काम करते हैं।
आधिकारिक पोर्टल: msme.up.gov.in अंतिम समीक्षा: अगस्त 2026
यह पेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्कीम जानकारी का सार है। आवेदन करने या क्लेम फाइल करने से पहले, मौजूदा आधिकारिक अधिसूचना, आवेदन फॉर्म और सटीक पात्रता शर्तें हमेशा ऊपर दिए पोर्टल पर जाकर पुष्टि करें।