यूपी ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी 2024: पूरी गाइड
पॉलिसी क्या है?
उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी, 2024 ग्रीन हाइड्रोजन व उसके डेरिवेटिव (ग्रीन अमोनिया, ग्रीन मेथेनॉल) उत्पादन, और इलेक्ट्रोलाइज़र व संबंधित उपकरण निर्माण के लिए एक सेक्टर-विशेष प्रोत्साहन पॉलिसी है। इसे Additional Sources of Energy Department द्वारा UP New and Renewable Energy Development Agency (UPNEDA) के ज़रिए संचालित किया जाता है।
यह पॉलिसी इसलिए बनी क्योंकि उत्तर प्रदेश के पास पहले से ही हाइड्रोजन की एक कैप्टिव मार्केट है: राज्य में वर्तमान मांग करीब 0.9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है, जो मुख्यतः फर्टिलाइज़र और रिफाइनरी सेक्टर में इस्तेमाल होती है — ऐसे उद्योग जो नई ऑफटेक बनने का इंतज़ार किए बिना ग्रीन हाइड्रोजन पर शिफ्ट हो सकते हैं, जो ज़्यादातर दूसरे राज्यों के पास नहीं है।
मुख्य प्रोत्साहन
| क्या | विवरण |
|---|---|
| कैपिटल सब्सिडी | ग्रीन हाइड्रोजन/डेरिवेटिव उत्पादन और इलेक्ट्रोलाइज़र निर्माण यूनिट्स के लिए |
| लैंड सब्सिडी | प्रोजेक्ट भूमि पर |
| इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी | छूट |
| ट्रांसमिशन व व्हीलिंग चार्ज | रियायती, रिन्यूएबल पावर के लिए ओपन एक्सेस सुविधा सहित |
| पानी के चार्ज | रियायती |
| SGST | रीइम्बर्समेंट |
| Centres of Excellence | R&D व तकनीकी नवाचार के लिए 4 की व्यवस्था |
यह National Green Hydrogen Mission से कैसे जुड़ती है?
ये राज्य प्रोत्साहन केंद्र सरकार के SIGHT प्रोग्राम के इलेक्ट्रोलाइज़र निर्माण व हाइड्रोजन उत्पादन प्रोत्साहनों के अतिरिक्त हैं — एक प्रोजेक्ट दोनों को साथ ले सकता है।
प्रोजेक्ट के लिए सबसे उपयुक्त जगह कहां है?
दो जगहें प्रमुख हैं: यूपी के मौजूदा रिफाइनरी व फर्टिलाइज़र डिमांड सेंटरों के पास (ऑफटेक के लिए), और बुंदेलखंड में रिन्यूएबल पावर जनरेशन के पास (इलेक्ट्रोलाइज़र चलाने के लिए सस्ती, अतिरिक्त रिन्यूएबल बिजली के लिए)।
यह किसके लिए है?
- ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, या ग्रीन मेथेनॉल उत्पादक
- इलेक्ट्रोलाइज़र व संबंधित उपकरण निर्माता
- यूपी में फर्टिलाइज़र व रिफाइनरी यूनिट्स जो कैप्टिव ग्रीन-हाइड्रोजन शिफ्ट का आकलन कर रही हैं
अप्लाई कैसे करें
- पुष्टि करें कि आपका प्रोजेक्ट उत्पादन, या इलेक्ट्रोलाइज़र/उपकरण निर्माण के अंतर्गत आता है
- नोडल पॉइंट के रूप में UPNEDA / Additional Sources of Energy Department से संपर्क करें
- साथ-साथ ऑफटेक कॉन्ट्रैक्ट भी तय करें — सिर्फ प्रोत्साहन राशि के आधार पर DPR फाइनल करने से पहले नीचे दी गई ईमानदार सलाह ज़रूर पढ़ें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या इस पॉलिसी के प्रोत्साहन केंद्र सरकार के प्रोत्साहनों के साथ जोड़े जा सकते हैं?
हां — यहां दिए राज्य प्रोत्साहन केंद्र सरकार के SIGHT प्रोग्राम के इलेक्ट्रोलाइज़र निर्माण व हाइड्रोजन उत्पादन प्रोत्साहनों के अतिरिक्त हैं।
उत्तर प्रदेश को ग्रीन हाइड्रोजन में खास बढ़त क्यों है?
राज्य पहले से ही सालाना करीब 0.9 मिलियन मीट्रिक टन हाइड्रोजन खपत करता है, ज़्यादातर फर्टिलाइज़र और रिफाइनिंग में — यह एक दुर्लभ मौजूदा ऑफटेक बेस है जो ज़्यादातर राज्यों के पास नहीं है, और पॉलिसी इसी आधार पर बनाई गई है।
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आधिकारिक पोर्टल: upneda.org.in संचालित विभाग: Additional Sources of Energy Dept. / UPNEDA अंतिम समीक्षा: अगस्त 2026
यह पेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्कीम जानकारी का सार है। आवेदन करने या क्लेम फाइल करने से पहले, मौजूदा आधिकारिक अधिसूचना, आवेदन फॉर्म और सटीक पात्रता शर्तें हमेशा ऊपर दिए पोर्टल पर जाकर पुष्टि करें।